कभी चेहरे की मुस्कराहट के पीछे
छिप जाते है हम ग़मों के साथ ,
और कभी
जीवन के उलझते क्षणों में
हसीं ही उबार लेती है हमें ,
जीवन में सुख दुःख तो आते रहते है ,
एक हमें ही ठहरना है
एक वजूद के साथ।
कभी चेहरे की मुस्कराहट के पीछे
छिप जाते है हम ग़मों के साथ ,
और कभी
जीवन के उलझते क्षणों में
हसीं ही उबार लेती है हमें ,
जीवन में सुख दुःख तो आते रहते है ,
एक हमें ही ठहरना है
एक वजूद के साथ।
भितर ही डर जाते है
हम कहीं
पैर कहीं भी चल देते है
बस ठहरते नही है
उस जगह व उस पल में ,
मन बार बार पलायन
करता है ,
खुद से व खुद में ही ,
आँखे शून्य में चली जाती है
व विचार जड़वत।
छत आसमान से बात करने
की जगह,
पेड़ो की ऊंचाई तक जाकर
उनसे बात करने की जगह ,
मन को बादलों पर रख कर
साथ दूर तक विचरण करते रहना ,
व
पक्षियों को उड़ते और डाल पर
बैठते देखते रहना
सीमाएं सबकी अपनी है
उड़े चाहे जितनी
पर
आना यही है.
वक्त फूलों की सुगंध की तरह है
आसपास बस बिखर जाती है
आप चाहे तो उसे अंदर तक
समाहित करे ,
आनन्दित हो ,
स्वयं को उस पल में जोड़ दे
या
बस वहाँ से गुजर जाएं